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NEET में तंत्रिका नियंत्रण एवं समन्वय : मस्तिष्क, रिफ्लेक्स

Published on Sep 02, 2026 · 1 min read · 4 views
NEET में तंत्रिका नियंत्रण एवं समन्वय : मस्तिष्क, रिफ्लेक्स

NEET में तंत्रिका नियंत्रण एवं समन्वय : मस्तिष्क, रिफ्लेक्स

यह चैप्टर NEET में शामिल है, पर इसमें एक ज़रूरी बात समझना ज़रूरी है, न्यूरॉन, तंत्रिका आवेग, सिनैप्स और मस्तिष्क वाला हिस्सा असली स्कोरिंग है, जबकि आँख कान की बनावट और रिफ्लेक्स आर्क वाला हिस्सा नई NCERT किताब से हट चुका है। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट को कहाँ ज़्यादा और कहाँ कम समय देना है, यही साफ़ साफ़ इस आर्टिकल में...

न्यूरॉन की बनावट — सबसे पक्का हिस्सा

  • मुख्य भाग: कोशिका काय, डेंड्राइट और एक्सॉन।
  • ज़रूरी फैक्ट: निस्सल के कण, माइलिन शीथ और रैनवियर की गाँठें।

NEET में तंत्रिका आवेग और सिनैप्स

यह इस चैप्टर का सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला हिस्सा है, इसे पक्का कीजिए।

  • विश्राम अवस्था: झिल्ली के बाहर धनात्मक और अंदर ऋणात्मक आवेश।
  • विध्रुवण (depolarisation): सोडियम अंदर आता है।
  • पुनर्ध्रुवण: पोटैशियम बाहर जाता है।
  • सिनैप्स: कैल्शियम आने पर न्यूरोट्रांसमीटर निकलता है और संकेत अगली कोशिका तक जाता है।

मानव मस्तिष्क के भाग

  • अग्रमस्तिष्क: सेरेब्रम (सोच और याद), थैलेमस और हाइपोथैलेमस (तापमान, भूख)।
  • मध्यमस्तिष्क: संकेतों का रास्ता।
  • पश्चमस्तिष्क: सेरिबेलम (संतुलन), पोन्स और मेडुला (साँस और हृदय का नियंत्रण)।

NEET में रिफ्लेक्स आर्क और आँख कान का ज़रूरी नोट

यह इस आर्टिकल की सबसे ज़रूरी जानकारी है, ध्यान से पढ़िए। रिफ्लेक्स आर्क और आँख कान की विस्तृत बनावट को रैशनलाइज़्ड NCERT किताब से हटा दिया गया है, हालाँकि NMC के official सिलेबस के शब्दों में ये अब भी लिखे मिलते हैं। इस फर्क की वजह से हाल के NEET पेपर में इनसे सीधे सवाल कम आए हैं।

  • कम प्राथमिकता: आँख कान और रिफ्लेक्स आर्क को सिर्फ़ बुनियादी लेबल स्तर पर जानिए, गहरी डिटेल में ज़्यादा समय मत लगाइए।
  • ज़्यादा समय यहाँ: न्यूरॉन, तंत्रिका आवेग, सिनैप्स और मस्तिष्क के भाग पर सबसे ज़्यादा ध्यान दीजिए।
  • ज़रूर जाँच लें: हर साल का official सिलेबस nmc.org.in और neet.nta.nic.in पर एक बार ज़रूर देख लीजिए, क्योंकि यह बदल सकता है।

आँख और कान — बुनियादी लेबल (सुरक्षा के लिए)

  • आँख: रेटिना में रॉड (कम रोशनी) और कोन (रंग) कोशिकाएँ होती हैं, इतना बुनियादी फैक्ट काफ़ी है।
  • कान: ध्वनि सुनने में कॉक्लिया की भूमिका, इतना बुनियादी स्तर जान लीजिए।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए तैयारी

  • न्यूरॉन और मस्तिष्क का डायग्राम: दोनों के लेबल वाले चित्र खुद बनाइए।
  • आवेश की फ्लो: विश्राम, विध्रुवण और पुनर्ध्रुवण का क्रम एक फ्लो में लिखिए।
  • इंग्लिश टर्म साथ रखिए: न्यूरॉन, सिनैप्स जैसे टर्म इंग्लिश में भी पक्के कीजिए।
  • बोर्ड के लिए: अपने बोर्ड की किताब में आँख कान हो तो बोर्ड एग्ज़ाम के लिए ज़रूर पढ़िए।

एक ज़रूरी बात

इस चैप्टर का असली स्कोरिंग हिस्सा न्यूरॉन, तंत्रिका आवेग, सिनैप्स और मस्तिष्क के भाग हैं, यहीं सबसे ज़्यादा समय दीजिए। आँख कान की विस्तृत बनावट और रिफ्लेक्स आर्क रैशनलाइज़्ड NCERT से हट चुके हैं, हालाँकि official सिलेबस के शब्दों में अब भी लिखे मिलते हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ़ बुनियादी लेबल स्तर पर जानिए और नया सिलेबस nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लीजिए।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम बताते हैं कि किस हिस्से में असल में समय लगाना है और किसमें नहीं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट अपनी मेहनत सही जगह लगाएँ। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। सिलेबस में बदलाव संभव है, इसलिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

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