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NEET के सबसे कठिन चैप्टर और उनसे भागना कैसे बंद करें

Published on Aug 07, 2026 · 1 min read · 4 views
NEET के सबसे कठिन चैप्टर और उनसे भागना कैसे बंद करें

NEET के सबसे कठिन चैप्टर और उनसे भागना कैसे बंद करें

हर स्टूडेंट के सिलेबस में कुछ चैप्टर ऐसे होते हैं जिन्हें वह महीनों तक टालता रहता है। रोज़ सोचता है कि कल पढ़ूँगा, और वह कल कभी नहीं आता। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इनमें से कई चैप्टर अच्छा वेटेज भी रखते हैं, यानी इनसे भागने की सीधी कीमत नंबरों में चुकानी पड़ती है। अच्छी खबर यह है कि यह टालने की आदत सुधर सकती है, और इसका तरीका सख्ती नहीं बल्कि सही शुरुआत है। इस आर्टिकल में सबसे ज़्यादा टाले जाने वाले चैप्टर और उन्हें पकड़ने का असली तरीका बताया गया है।

सबसे ज़्यादा टाले जाने वाले चैप्टर

  • फिज़िक्स: घूर्णन गति (Rotational Motion), विद्युत चुंबकीय प्रेरण तथा प्रत्यावर्ती धारा, स्थिरवैद्युतिकी, तरंग प्रकाशिकी और ऊष्मागतिकी।
  • केमिस्ट्री: रासायनिक बलगतिकी, वैद्युत रसायन, आयनिक साम्यावस्था, ऑर्गेनिक के मैकेनिज्म, और उपसहसंयोजन यौगिक का क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत।
  • बायोलॉजी: आनुवंशिकी के सवाल, वंशागति का आणविक आधार का बारीक हिस्सा, पादप शरीर क्रिया विज्ञान के चक्र, और जीव जगत का वर्गीकरण जिसमें बहुत कुछ याद करना पड़ता है।

ये चैप्टर कठिन क्यों लगते हैं

इनकी कठिनाई के कारण अलग अलग हैं, और कारण पहचान लेने पर हल भी आसान हो जाता है।

  • एक साथ बहुत सी चीज़ें: जैसे घूर्णन गति में बलाघूर्ण, जड़त्व आघूर्ण और कोणीय संवेग एक साथ संभालने पड़ते हैं।
  • दिमाग में तस्वीर न बनना: जैसे EMI और तरंग प्रकाशिकी, जहाँ चीज़ें दिखती नहीं, सिर्फ सोचनी पड़ती हैं।
  • हिसाब और चिह्न का बोझ: जैसे वैद्युत रसायन, बलगतिकी और साम्यावस्था, जहाँ लघुगणक और चिह्न की गलतियाँ होती रहती हैं।
  • याद करने का बोझ: जैसे वर्गीकरण और पादप शरीर क्रिया विज्ञान के चक्र।
  • पिछली नींव कमज़ोर होना: यह सबसे बड़ा कारण है। सदिश कमज़ोर हो तो EMI कठिन लगेगा, और लघुगणक कमज़ोर हो तो बलगतिकी।

टालने की असली वजह, आलस नहीं है

यह बात समझ लेना बहुत ज़रूरी है। शोध बताते हैं कि किसी काम को टालना असल में आलस नहीं, बल्कि उस काम से जुड़ी बेचैनी से बचने की कोशिश होती है। जब कोई चैप्टर देखकर घबराहट होती है, तो दिमाग तुरंत कोई आसान काम पकड़ लेता है और मन को थोड़ी राहत मिल जाती है। फिर यही चक्र चलता रहता है, चैप्टर और डरावना लगने लगता है और अंतर बढ़ता जाता है। यह भी जान लीजिए कि यह आदत लगभग हर स्टूडेंट में होती है, इसलिए खुद को कोसने की ज़रूरत नहीं, बस तरीका बदलने की ज़रूरत है।

कठिन चैप्टर पकड़ने का तरीका

  • चैप्टर को टुकड़ों में बाँटें: पूरा चैप्टर एक साथ देखने पर डर लगता है, पर छोटे टॉपिक में बाँटने पर हर टुकड़ा संभालने लायक लगता है।
  • सबसे आसान टुकड़े से शुरू करें: इससे पहली जीत जल्दी मिलती है और आगे बढ़ने का मन बनता है।
  • सिर्फ 20 मिनट का नियम: खुद से कहिए कि बस 20 मिनट पढ़ूँगा, फिर छोड़ दूँगा। सबसे मुश्किल काम शुरू करना होता है, और एक बार शुरू हो जाने पर ज़्यादातर बार आप उससे आगे बढ़ जाते हैं।
  • पहले से तय कर लें: मन में यह पक्का कर लें कि कल शाम 6 बजे मैं घूर्णन गति का पहला टॉपिक पढ़ूँगा। शोध बताते हैं कि इस तरह समय और जगह तय कर लेने से काम पूरा होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
  • नींव पहले सुधारें: अगर बुनियादी चीज़ कमज़ोर है तो पहले उसे ठीक करें, वरना चैप्टर हमेशा कठिन ही लगेगा।
  • पहले हल किए उदाहरण देखें, फिर खुद सवाल हल करें। सीधे कठिन सवाल से शुरू करना हिम्मत तोड़ता है।
  • बार बार लौटें: एक बार पढ़कर छोड़ने के बजाय कुछ कुछ दिन बाद दोबारा देखें, तभी वह टिकेगा।

एक बात जो हिम्मत देगी

जिन चैप्टर को आप कठिन समझकर छोड़ रहे हैं, उनमें से कई अच्छा वेटेज रखते हैं, जैसे घूर्णन गति, धारा विद्युत, वैद्युत रसायन और आनुवंशिकी। यानी इन्हें पकड़ लेने पर नंबरों में सीधा फायदा दिखता है। और याद रखिए, आज जो टॉपर हैं वे भी कभी इन्हीं चैप्टर पर अटके थे। कठिन का मतलब नामुमकिन नहीं होता, सिर्फ इतना होता है कि इसमें थोड़ा ज़्यादा समय और थोड़ा ज़्यादा अभ्यास लगेगा।

एक ज़रूरी बात

कठिन चैप्टर से भागने की सबसे बड़ी कीमत यह है कि वह डर परीक्षा तक बना रहता है। इसलिए सुधार की शुरुआत खुद पर सख्ती से नहीं, बल्कि सबसे छोटे कदम से कीजिए, यानी आज सिर्फ 20 मिनट। एक और बात, एक ही दिन में पूरा कठिन चैप्टर खत्म करने की कोशिश मत कीजिए, इससे थकान और निराशा दोनों बढ़ती हैं। रोज़ थोड़ा थोड़ा, हफ्ते भर लगातार, यही तरीका सबसे कठिन चैप्टर को भी आसान बना देता है।

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FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी, नई (रेशनलाइज़्ड) NCERT और पिछले सालों के NEET पेपर के विश्लेषण पर आधारित है। कौन सा चैप्टर कठिन लगता है यह हर स्टूडेंट के लिए अलग हो सकता है, और यहाँ दिया गया वेटेज अंदाज़न है। सिलेबस की पक्की जानकारी के लिए nta.ac.in, neet.nta.nic.in, nmc.org.in और ncert.nic.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: NEET UPMSP MPBSE RBSE

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