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NEET CBT, जवाब भरने की वे गलतियाँ जो 20 से ज़्यादा नंबर ले डूबती हैं

Published on Aug 07, 2026 · 1 min read · 4 views
NEET CBT, जवाब भरने की वे गलतियाँ जो 20 से ज़्यादा नंबर ले डूबती हैं

NEET CBT, जवाब भरने की वे गलतियाँ जो 20 से ज़्यादा नंबर ले डूबती हैं

यह सबसे दुखद तरह का नुकसान होता है, जवाब आता था, पर नंबर नहीं मिला। सिर्फ इसलिए कि जवाब सही जगह दर्ज ही नहीं हुआ। सालों की मेहनत के बाद ऐसी छोटी सी चूक से 20 या उससे ज़्यादा नंबर चले जाना बहुत आम बात है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि NEET 2027 अब कंप्यूटर पर (CBT मोड में) होगी, यानी अब OMR शीट नहीं भरनी है और गोले काले करने वाली पुरानी गलतियाँ अपने आप खत्म हो गई हैं। पर कंप्यूटर की अपनी नई गलतियाँ हैं, और उन्हें पहले से जान लेना ज़रूरी है। इस आर्टिकल में वही गलतियाँ और उनसे बचने का तरीका बताया गया है।

सबसे बड़ी गलती, जवाब सेव करना भूल जाना

कंप्यूटर वाली परीक्षा में सबसे भारी पड़ने वाली गलती यही है। ऑप्शन पर क्लिक कर देना काफी नहीं होता, जब तक आप Save and Next नहीं दबाते, वह जवाब दर्ज नहीं होता। जल्दबाज़ी में कई स्टूडेंट ऑप्शन चुनकर सीधे अगले सवाल पर चले जाते हैं और उनका जवाब कहीं नहीं जाता। इसलिए यह आदत बना लीजिए, ऑप्शन चुना और तुरंत सेव किया, हर बार, बिना अपवाद।

दूसरी बड़ी गलती, रिव्यू में डालकर भूल जाना

Mark for Review वाला बटन बहुत काम का है, पर इसे लेकर बड़ी गलतफहमी है। सिर्फ रिव्यू के लिए मार्क कर देने से जवाब दर्ज नहीं होता। अगर आपने कोई सवाल मार्क किया पर उसका जवाब नहीं चुना, तो उसके नंबर नहीं मिलेंगे। इसलिए नियम यह रखिए, अगर जवाब पता है तो पहले उसे सेव कीजिए, उसके बाद चाहें तो रिव्यू के लिए मार्क कीजिए।

रंगों वाला पैलेट समझ लीजिए

स्क्रीन पर एक तरफ सारे सवालों के नंबर अलग अलग रंगों में दिखते हैं, यही आपका पैलेट है। आमतौर पर इनका मतलब यह होता है।

  • सफेद या स्लेटी: यह सवाल अभी देखा ही नहीं।
  • लाल: सवाल देखा पर जवाब नहीं दिया। यही सबसे खतरनाक रंग है।
  • हरा: जवाब सेव हो चुका है।
  • बैंगनी: रिव्यू के लिए मार्क किया पर जवाब नहीं दिया, यानी अभी नंबर शून्य।
  • बैंगनी पर सही का निशान: जवाब भी सेव है और रिव्यू के लिए मार्क भी है, यह ठीक है।

बीच बीच में पैलेट पर नज़र डालते रहिए, जैसे जब 100 मिनट बचे हों और फिर जब 50 मिनट बचे हों। लाल और बैंगनी सवाल दिखते ही उन्हें निपटाइए।

बाकी गलतियाँ जो नंबर खा जाती हैं

  • गलत ऑप्शन पर क्लिक हो जाना: माउस से जल्दबाज़ी में पड़ोस वाला ऑप्शन चुन लेना। सेव करने से पहले एक सेकंड रुककर देख लीजिए कि वही ऑप्शन चुना है जो आप चाहते थे।
  • समय का ध्यान न रखना: स्क्रीन पर घड़ी चलती रहती है। लंबे स्टेटमेंट वाले सवाल समय खा जाते हैं, इसलिए किसी सवाल पर करीब डेढ़ मिनट से ज़्यादा अटकिए मत।
  • रफ काम बिखरा हुआ करना: स्क्रैच पैड पर सवाल का नंबर लिखकर साफ सुथरा हिसाब कीजिए, वरना दोबारा जाँचते समय कुछ समझ नहीं आता।
  • जमा करने से पहले जाँच न करना: आखिर में सारांश वाली स्क्रीन ज़रूर देखिए, और गिनकर पक्का कीजिए कि कितने सवाल हरे हैं।
  • जल्दी जमा कर देना: समय बचा हो तो बैठे रहिए और दोबारा जाँचिए, जल्दी निकलने से कोई इनाम नहीं मिलता।
  • पहले से प्रैक्टिस न करना: यह सबसे बड़ी और सबसे आसानी से टलने वाली गलती है।

अगर कंप्यूटर में कोई दिक्कत आ जाए

घबराइए मत, और यह सबसे ज़रूरी बात है। न तार छेड़िए, न कंप्यूटर बंद करने की कोशिश कीजिए। तुरंत हाथ उठाकर इनविजिलेटर को बताइए। आपके जवाब सर्वर पर सुरक्षित रहते हैं, तकनीकी टीम या तो कंप्यूटर ठीक कर देती है या आपको दूसरे कंप्यूटर पर बैठा देती है, और इस दौरान गया समय आपको वापस मिलता है। और हाँ, परीक्षा शुरू होने से पहले ही अपना कीबोर्ड, माउस और स्क्रीन जाँच लीजिए, कोई दिक्कत हो तो वहीं बता दीजिए।

इससे बचने का सबसे पक्का तरीका, पहले से प्रैक्टिस

  • कंप्यूटर पर मॉक टेस्ट दीजिए, फोन पर नहीं। NTA का अभ्यास ऐप मुफ्त है, हिंदी में है और असली CBT जैसा इंटरफेस देता है।
  • बटन की आदत डालिए: Save and Next, Mark for Review और Clear Response, तीनों का इस्तेमाल इतना अभ्यास कीजिए कि परीक्षा में सोचना न पड़े।
  • स्क्रीन की सहनशक्ति बढ़ाइए: पहले आधे घंटे के टेस्ट से शुरू कीजिए और धीरे धीरे पूरे तीन घंटे से ज़्यादा तक ले जाइए।
  • आँखों का ध्यान रखिए: हर 20 मिनट पर कुछ सेकंड के लिए दूर देख लीजिए।
  • शुरू के दो मिनट: परीक्षा शुरू होते ही अपने हिसाब से फॉन्ट का आकार ठीक कर लीजिए।

और हाँ, कंप्यूटर एक फायदा भी देता है

यह जानकर तसल्ली रखिए कि CBT में गोले काले करने, हल्की शेडिंग, गलत पेन और एक लाइन खिसक जाने जैसी पुरानी OMR गलतियाँ पूरी तरह खत्म हो जाती हैं, जो पहले कई स्टूडेंट के दर्जनों नंबर ले डूबती थीं। यहाँ आप जवाब जितनी बार चाहें बदल सकते हैं, बस Clear Response दबाकर, और मिटाने की कोई गंदगी नहीं होती। शर्त सिर्फ एक है, हर जवाब सेव ज़रूर कीजिए। अगर आप कोई और परीक्षा दे रहे हैं जो अब भी OMR पर होती है, तो वहाँ पुरानी सावधानियाँ काम आती हैं, जैसे गोला पूरा काला करना, सिर्फ नीला या काला बॉल पेन इस्तेमाल करना, और हर 15 से 20 सवाल पर यह मिलाना कि सवाल का नंबर और शीट की लाइन एक ही हैं।

एक ज़रूरी बात

इन गलतियों की सबसे बड़ी बात यह है कि ये पढ़ाई की कमी से नहीं, आदत की कमी से होती हैं। और आदत सिर्फ अभ्यास से बनती है, पढ़कर नहीं। इसलिए अभी से हर मॉक टेस्ट कंप्यूटर पर दीजिए और हर बार Save and Next दबाने की आदत पक्की कीजिए। परीक्षा वाले दिन नई चीज़ सीखने की कोशिश सबसे महँगी पड़ती है। ध्यान रहे, NEET 2027 के CBT से जुड़ी बाकी बातें NTA के इनफॉर्मेशन बुलेटिन से तय होंगी, इसलिए वह आने पर उसे ज़रूर पढ़िए।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में कंप्यूटर पर फुल मॉक टेस्ट और चैप्टर वाइज़ MCQ मिलते हैं, जहाँ आप जवाब सेव करने, सवाल मार्क करने और समय संभालने की आदत पहले से बना सकते हैं। हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियाँ देखकर आप उन्हें सुधार सकते हैं, ताकि परीक्षा वाले दिन कोई भी नंबर छोटी सी चूक से न जाए। मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। NEET 2027 का कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड आधिकारिक रूप से तय है, पर इंटरफेस, बटन, शिफ्ट और परीक्षा के दिन के नियमों की पूरी जानकारी NTA के इनफॉर्मेशन बुलेटिन से ही पक्की होगी। यहाँ बताए गए स्क्रीन के रंग और बटन NTA की सामान्य कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं पर आधारित हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। नंबरों के नुकसान से जुड़े आँकड़े सिर्फ समझाने के लिए हैं। ताज़ा जानकारी के लिए nta.ac.in और neet.nta.nic.in ज़रूर देखें।

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