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NEET बनाम AIIMS और JIPMER का पुराना पैटर्न : अब क्या फर्क है

Published on Sep 25, 2026 · 1 min read · 6 views
NEET बनाम AIIMS और JIPMER का पुराना पैटर्न : अब क्या फर्क है

NEET बनाम AIIMS और JIPMER का पुराना पैटर्न : अब क्या फर्क है

कई स्टूडेंट आज भी सोचते हैं कि AIIMS और JIPMER में जाने के लिए अलग परीक्षा देनी पड़ती है, जबकि अब ऐसा नहीं है। साल 2020 से नियम बदल गए और अब सिर्फ़ NEET से ही सभी मेडिकल कॉलेज में दाखिला होता है, AIIMS और JIPMER भी इसी में शामिल हैं। पुराने और नए पैटर्न में क्या फर्क है, यह RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट के लिए आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

पहले क्या होता था (2020 से पहले)

  • अलग परीक्षाएँ: AIIMS अपनी अलग परीक्षा लेता था और JIPMER अपनी अलग।
  • NEET अलग: बाकी मेडिकल कॉलेज के लिए NEET होता था।
  • यानी तीन परीक्षाएँ: टॉप कॉलेज के लिए स्टूडेंट को कई परीक्षाएँ देनी पड़ती थीं।

पुराने AIIMS पेपर में क्या था

  • 200 सवाल: फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ साथ सामान्य ज्ञान और तर्कशक्ति (aptitude) भी।
  • कंप्यूटर पर: यह परीक्षा कंप्यूटर पर होती थी।
  • कठिन माना जाता था: दो अतिरिक्त हिस्सों के कारण यह NEET से कठिन माना जाता था।

पुराने JIPMER पेपर में क्या था

  • 200 सवाल: फिज़िक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी के साथ अंग्रेज़ी और तर्कशक्ति भी।
  • सिर्फ़ इंग्लिश में: यह परीक्षा सिर्फ़ इंग्लिश में होती थी।

अब क्या बदला — 2020 से सिर्फ़ एक NEET

यह इस आर्टिकल की सबसे ज़रूरी बात है। National Medical Commission (NMC) कानून 2019 के बाद, 2020 से पूरे देश में सिर्फ़ NEET होता है।

  • एक ही परीक्षा: AIIMS और JIPMER की अलग परीक्षाएँ खत्म कर दी गईं।
  • सिर्फ़ PCB: NEET में सिर्फ़ फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी होती है, कोई सामान्य ज्ञान या अंग्रेज़ी नहीं।
  • 180 सवाल: NEET में 720 मार्क्स के लिए 180 सवाल होते हैं, सही पर +4 और गलत पर −1।

अब AIIMS और JIPMER में सीट कैसे मिलती है

  • NEET रैंक से: अब AIIMS और JIPMER की सीटें NEET की रैंक और काउंसलिंग से भरी जाती हैं।
  • बहुत ऊँची रैंक: AIIMS दिल्ली में जनरल कैटेगरी को अंदाज़न टॉप 50 के आसपास रैंक चाहिए होती है।
  • एक साफ़ बात: INI CET नाम की अलग परीक्षा सिर्फ़ आगे की पढ़ाई (PG) के लिए होती है, MBBS के लिए नहीं।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए ज़रूरी बात

  • एक ही तैयारी: अब सिर्फ़ NEET की तैयारी कीजिए, अलग परीक्षा की चिंता मत कीजिए।
  • ऊँची रैंक का लक्ष्य: AIIMS या JIPMER चाहिए तो बहुत ऊँची रैंक का लक्ष्य रखिए।
  • रैंक हर साल बदलती है: क्लोज़िंग रैंक पक्की जानकारी mcc.nic.in पर देखिए।

एक ज़रूरी बात

अब AIIMS और JIPMER की अलग परीक्षाएँ खत्म हो चुकी हैं। 2020 से पूरे देश में सिर्फ़ NEET होता है, और AIIMS तथा JIPMER की सीटें भी इसी रैंक से मिलती हैं। इसलिए सिर्फ़ NEET पर ध्यान दीजिए। AIIMS दिल्ली के लिए बहुत ऊँची रैंक चाहिए, और रैंक हर साल बदलती है।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम पुरानी और नई व्यवस्था का फर्क साफ़ साफ़ बताते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट बिना उलझन के सिर्फ़ NEET पर ध्यान दें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। रैंक और सीट से जुड़े आँकड़े अंदाज़न हैं और हर साल बदलते हैं। पक्की जानकारी के लिए neet.nta.nic.in, mcc.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE MPBSE UPMSP NEET

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