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NEET में जीव जगत और जैविक क्लासिफिकेशन : पाँच जगत और टैक्सोनॉमी की बुनियाद

Published on Sep 11, 2026 · 1 min read · 4 views
NEET में जीव जगत और जैविक क्लासिफिकेशन : पाँच जगत और टैक्सोनॉमी की बुनियाद

NEET में जीव जगत और जैविक क्लासिफिकेशन : पाँच जगत और टैक्सोनॉमी की बुनियाद

ये दोनों चैप्टर NEET के सबसे आसान और भरोसेमंद चैप्टर माने जाते हैं। इनमें ज़्यादा सोचना नहीं पड़ता, बस कुछ नाम, क्रम और खास बातें याद रखनी होती हैं। दोनों पूरी तरह NEET में शामिल हैं और सीधे NCERT से सवाल आते हैं। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इन्हें जल्दी कैसे याद करें, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

यह चैप्टर आसान और स्कोरिंग क्यों है

  • याद वाला हिस्सा: सवाल सीधे नाम और खास बातों पर आते हैं।
  • NCERT से सीधा: जो NCERT में लिखा है, वही पूछा जाता है।
  • टेबल से आसान: एक अच्छी टेबल बना लें तो पूरा चैप्टर हाथ में आ जाता है।

NEET में टैक्सोनॉमी और नामकरण के नियम

जीवों को पहचानने और नाम देने के तरीके को टैक्सोनॉमी कहते हैं। हर जीव का एक वैज्ञानिक नाम होता है।

  • दो नाम वाला नियम: हर जीव के दो नाम होते हैं, पहला वंश (जीनस), दूसरा जाति (स्पीशीज़)।
  • लिखने का तरीका: वंश का पहला अक्षर बड़ा, जाति का छोटा, और नाम को तिरछा (इटैलिक) या नीचे रेखा खींचकर लिखते हैं।

टैक्सोनॉमिक क्रम (hierarchy)

जीवों को छोटे से बड़े समूह में इस क्रम में रखा जाता है, इसे याद रखना ज़रूरी है।

  • क्रम: जाति → वंश → कुल → गण → वर्ग → संघ → जगत।
  • याद रखिए: जाति सबसे छोटी इकाई है, जिसमें जीव सबसे ज़्यादा मिलते जुलते हैं।

NEET के लिए पाँच जगत की टेबल

व्हिटेकर ने जीवों को पाँच जगत में बाँटा। यह टेबल पूरा क्लासिफिकेशन एक जगह दिखाती है।

जगत कोशिका उदाहरण
मोनेरा प्रोकैरियोटिक (बिना केंद्रक) जीवाणु, नीले हरे शैवाल
प्रोटिस्टा यूकैरियोटिक, एककोशिकीय अमीबा, यूग्लीना, डायटम
कवक (फंजाई) यूकैरियोटिक, भित्ति काइटिन की यीस्ट, मशरूम, पेनिसिलियम
प्लांटी (पौधे) यूकैरियोटिक, भित्ति सेल्युलोज की शैवाल से लेकर फूल वाले पौधे
एनिमेलिया (जानवर) यूकैरियोटिक, कोई भित्ति नहीं कीड़े से लेकर स्तनधारी

वायरस, वायरॉइड और लाइकेन

  • वायरस: यह किसी जीवित कोशिका के अंदर ही बढ़ता है, बाहर निर्जीव जैसा रहता है।
  • वायरॉइड: यह सिर्फ़ RNA का बना होता है, इसमें प्रोटीन का खोल नहीं होता।
  • लाइकेन: यह शैवाल और कवक का साथ रहना है, और यह प्रदूषण का संकेत देता है।

टैक्सोनॉमिक एड्स का ज़रूरी नोट (सिर्फ़ बोर्ड के लिए)

यहाँ एक ज़रूरी बात है। हर्बेरियम, बॉटनिकल गार्डन, म्यूज़ियम जैसे टैक्सोनॉमिक एड्स वाला हिस्सा नई NCERT से हटा दिया गया है।

  • NEET में नहीं: इस पर NEET की तैयारी में ज़्यादा समय मत लगाइए।
  • बोर्ड में हो सकता है: अपने बोर्ड की किताब में हो तो बोर्ड के लिए पढ़ लीजिए।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए तैयारी

  • क्रम याद रखिए: टैक्सोनॉमिक क्रम को एक बार अच्छे से रट लीजिए।
  • टेबल दोहराइए: पाँच जगत की टेबल रोज़ एक बार देखिए।
  • इंग्लिश नाम साथ रखिए: हर जगत और जीव का इंग्लिश नाम भी पक्का कीजिए।

एक ज़रूरी बात

ये दोनों चैप्टर पूरी तरह NEET में शामिल हैं और आसान मार्क्स देते हैं। सबसे ज़्यादा सवाल टैक्सोनॉमिक क्रम, नामकरण के नियम, पाँच जगत की खास बातें और वायरस तथा लाइकेन से आते हैं। टैक्सोनॉमिक एड्स वाला हिस्सा NEET से हट चुका है, इसलिए उसमें ज़्यादा समय मत लगाइए।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम ऐसे आसान चैप्टर को टेबल और छोटे नोट में समेटकर देते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट जल्दी याद करके पक्के मार्क्स लें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। पक्की जानकारी के लिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

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