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NEET में जैव विविधता और संरक्षण — पर्यावरण मुद्दे की सच्चाई

Published on Sep 07, 2026 · 1 min read · 264 views
NEET में जैव विविधता और संरक्षण — पर्यावरण मुद्दे की सच्चाई

NEET में जैव विविधता और संरक्षण — पर्यावरण मुद्दे की सच्चाई

जैव विविधता और संरक्षण NEET का आसान और अच्छे मार्क्स देने वाला चैप्टर है, और यह पूरी तरह सिलेबस में शामिल है। साथ ही एक ज़रूरी बात, इससे जुड़ा पुराना चैप्टर पर्यावरण मुद्दे (Environmental Issues) अब NCERT और NEET दोनों से हटा दिया गया है। किस पर समय लगाना है और किस पर नहीं, यह RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट के लिए आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

जैव विविधता क्या है — तीन स्तर

जैव विविधता का मतलब है धरती पर मौजूद तरह तरह के जीव। यह तीन स्तर पर होती है।

  • आनुवंशिक विविधता: एक ही जाति के जीवों के जीन में फर्क।
  • जातीय विविधता: अलग अलग तरह की जातियाँ (species)।
  • पारितंत्र विविधता: अलग अलग तरह के पारितंत्र, जैसे जंगल, रेगिस्तान।

NEET में जैव विविधता के पैटर्न

  • अक्षांश के हिसाब से: भूमध्य रेखा (tropics) के पास सबसे ज़्यादा जीव पाए जाते हैं।
  • जाति और क्षेत्र का संबंध: जितना बड़ा क्षेत्र, उतनी ज़्यादा जातियाँ, इसे species area संबंध कहते हैं।

जैव विविधता की हानि

जैव विविधता कम होने के चार बड़े कारण हैं, इन्हें दुष्ट चौकड़ी (evil quartet) कहते हैं।

  • आवास का नाश: जंगल और घर उजड़ना।
  • ज़्यादा दोहन: जीवों का हद से ज़्यादा शिकार या उपयोग।
  • बाहरी जातियाँ: नई जातियों का आकर स्थानीय जीवों को नुकसान पहुँचाना।
  • सह विलोपन: एक जीव के खत्म होने पर उस पर निर्भर जीव का भी खत्म होना।

NEET में जैव विविधता का संरक्षण

  • स्व स्थाने (in situ): जीव को उसी की जगह पर बचाना, जैसे नेशनल पार्क, अभयारण्य और हॉटस्पॉट।
  • बाह्य स्थाने (ex situ): जीव को उसकी जगह से बाहर बचाना, जैसे चिड़ियाघर और बीज बैंक।
  • हॉटस्पॉट: जहाँ बहुत सारी खास जातियाँ हों और खतरा भी ज़्यादा हो, NCERT के हिसाब से इनकी संख्या 34 है।

पर्यावरण मुद्दे (Environmental Issues) की सच्चाई

यह ज़रूरी जानकारी ध्यान से पढ़िए। पुराना चैप्टर पर्यावरण मुद्दे, जिसमें प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और ओज़ोन की परत जैसी बातें थीं, अब NCERT और NEET दोनों से हटा दिया गया है।

  • NEET में नहीं: NEET की तैयारी में इस पर भारी समय मत लगाइए।
  • बोर्ड में हो सकता है: अपने बोर्ड की किताब में यह हो तो बोर्ड एग्ज़ाम के लिए ज़रूर पढ़िए।
  • एक बार जाँच लें: हर साल का सिलेबस nmc.org.in और neet.nta.nic.in पर ज़रूर देख लीजिए।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए तैयारी

  • फैक्ट याद कीजिए: हॉटस्पॉट, संरक्षण के तरीके और दुष्ट चौकड़ी अच्छे से याद रखिए।
  • इंग्लिश नाम साथ रखिए: in situ, ex situ जैसे टर्म इंग्लिश में भी पक्के कीजिए।

एक ज़रूरी बात

जैव विविधता और संरक्षण पूरी तरह NEET में शामिल है, इसलिए हॉटस्पॉट, संरक्षण के तरीके और जैव विविधता की हानि अच्छे से पढ़िए। पुराना चैप्टर पर्यावरण मुद्दे अब NCERT और NEET दोनों से हट चुका है, इसलिए NEET के लिए उसमें ज़्यादा समय मत लगाइए, बोर्ड की किताब में हो तो बोर्ड के लिए पढ़ लीजिए।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम बताते हैं कि क्या NEET में पढ़ना है और क्या नहीं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट अपना समय सही जगह लगाएँ। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं। सिलेबस में बदलाव संभव है, इसलिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE UPMSP MPBSE NEET

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