Arivihan Logo
Ritesh Sir ka bday
neet

NEET में रेस्पिरेशन और गैसों का विनिमय : डिसोसिएशन कर्व और विकार पूरी जानकारी

Published on Aug 31, 2026 · 1 min read · 13 views
NEET में रेस्पिरेशन और गैसों का विनिमय : डिसोसिएशन कर्व और विकार पूरी जानकारी

NEET में रेस्पिरेशन और गैसों का विनिमय : डिसोसिएशन कर्व और विकार पूरी जानकारी

यह चैप्टर पूरी तरह NEET के सिलेबस में शामिल है और हर साल भरोसेमंद सवाल देता है। इसमें दो चीज़ें सबसे ज़्यादा फैसला करती हैं, ऑक्सीजन का डिसोसिएशन कर्व और रेस्पिरेटरी आयतन के नंबर। ये दोनों पक्के हो जाएँ तो आधा चैप्टर बन जाता है। RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट इसे कैसे मज़बूत करें, यही आसान भाषा में इस आर्टिकल में...

मानव रेस्पिरेटरी तंत्र और साँस लेने की क्रिया

  • अंग: नाक, ग्रसनी, स्वरयंत्र, श्वासनली, ब्रोंकाई और फेफड़े।
  • साँस लेने की क्रिया: डायाफ्राम और इंटरकॉस्टल मांसपेशियाँ फेफड़ों में दबाव बदलती हैं।

NEET में रेस्पिरेटरी आयतन और क्षमताएँ — नंबर याद रखिए

इस हिस्से में नंबर सीधे याद रखने होते हैं, और इनसे जुड़े जोड़ने घटाने वाले सवाल हर साल आते हैं।

  • टाइडल आयतन (TV): सामान्य साँस में अंदर बाहर होने वाली हवा, अंदाज़न 500 mL।
  • IRV और ERV: ज़्यादा गहरी साँस लेने और छोड़ने से मिलने वाली अतिरिक्त हवा, अंदाज़न 2500 से 3000 mL और 1000 से 1100 mL।
  • अवशिष्ट आयतन (RV): पूरी साँस छोड़ने के बाद भी फेफड़ों में बची हवा, अंदाज़न 1100 से 1200 mL।
  • वाइटल कैपेसिटी (VC): TV, IRV और ERV को जोड़कर बनती है, अंदाज़न 3500 से 4500 mL।

गैसों का विनिमय — पार्शियल प्रेशर का खेल

गैसों का विनिमय हमेशा ज़्यादा पार्शियल प्रेशर से कम पार्शियल प्रेशर की तरफ होता है, यही एक लाइन पूरा कॉन्सेप्ट समझा देती है।

  • एल्वियोली में: ऑक्सीजन खून में जाती है, कार्बन डाइऑक्साइड खून से बाहर निकलती है।
  • ऊतकों में: ठीक इसका उल्टा होता है।

ऑक्सीजन का परिवहन — डिसोसिएशन कर्व (सबसे ज़रूरी टॉपिक)

ज़्यादातर ऑक्सीजन हीमोग्लोबिन से जुड़कर चलती है, और यह कर्व इसी जुड़ाव को दिखाता है। यह कर्व सिग्मॉइड यानी S आकार का होता है।

  • दाईं तरफ खिसकना (बोर कारक): ज़्यादा कार्बन डाइऑक्साइड, कम pH और ज़्यादा तापमान होने पर कर्व दाईं तरफ खिसकता है, जिससे ऊतकों में ऑक्सीजन आसानी से छूटती है।
  • कहाँ काम आता है: मेहनत के दौरान मांसपेशियों को ज़्यादा ऑक्सीजन इसी वजह से मिलती है।

कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन और रेस्पिरेशन का नियमन

  • बाइकार्बोनेट के रूप में: ज़्यादातर कार्बन डाइऑक्साइड खून में बाइकार्बोनेट बनकर चलती है।
  • हीमोग्लोबिन से जुड़कर: कुछ हिस्सा कार्बामिनो हीमोग्लोबिन के रूप में चलता है, बाकी सीधे प्लाज़्मा में घुला रहता है।
  • नियमन: मस्तिष्क का रेस्पिरेटरी रिदम सेंटर मेडुला में होता है, और खून में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा साँस की रफ़्तार तय करती है।

NEET में रेस्पिरेटरी तंत्र के विकार

  • अस्थमा: ब्रोंकाई में सूजन से साँस लेने में तकलीफ़।
  • वातस्फीति (एम्फिसीमा): एल्वियोली की दीवार खराब होने से गैस विनिमय का क्षेत्र घट जाता है, अक्सर धूम्रपान से जुड़ा।
  • व्यावसायिक रोग: खनन जैसे कामों में धूल से फेफड़ों में सिलिकोसिस जैसी बीमारी हो सकती है।

हिंदी मीडियम (RBSE, UPMSP, MPBSE) स्टूडेंट के लिए तैयारी टिप्स

  • नंबर की टेबल बनाइए: सभी आयतन और क्षमताओं के नंबर एक टेबल में लिखिए और बार बार दोहराइए।
  • कर्व खुद बनाइए: डिसोसिएशन कर्व को कई बार खुद बनाकर, उसका खिसकना समझिए।
  • इंग्लिश टर्म साथ रखिए: हीमोग्लोबिन, डिसोसिएशन जैसे टर्म इंग्लिश में भी पक्के कीजिए।

NEET में बार बार आने वाले सवाल

  • आयतन जोड़ना घटाना: VC, TLC जैसी क्षमताओं को छोटे आयतनों से जोड़कर निकालना।
  • डिसोसिएशन कर्व का खिसकना: किन हालात में कर्व दाईं या बाईं तरफ खिसकता है।
  • कार्बन डाइऑक्साइड परिवहन: बाइकार्बोनेट और कार्बामिनो हीमोग्लोबिन का हिस्सा पहचानना।
  • विकार पहचान: लक्षण देखकर अस्थमा या वातस्फीति बताना।

एक ज़रूरी बात

यह चैप्टर पूरी तरह NEET सिलेबस में शामिल है, इसमें कुछ भी हटा हुआ नहीं है। सबसे ज़्यादा फायदा दो चीज़ों से मिलता है, ऑक्सीजन डिसोसिएशन कर्व और रेस्पिरेटरी आयतन के पक्के नंबर। इन दोनों पर ध्यान दीजिए तो यह चैप्टर सबसे भरोसेमंद स्कोरिंग चैप्टर बन जाता है।

अरिविहान आपकी कैसे मदद करता है

अरिविहान पर आसान हिंदी में हम डिसोसिएशन कर्व और आयतन जैसे नंबर वाले टॉपिक को आसान टेबल और डायग्राम से समझाते हैं, ताकि RBSE, UPMSP और MPBSE के हिंदी मीडियम स्टूडेंट यह चैप्टर पूरे भरोसे से हल कर सकें। भरोसे के साथ मन लगाकर पढ़िए और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कीजिए!


FAQs

यह आर्टिकल जुलाई 2026 तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किस टॉपिक से कितने सवाल आते हैं, यह अंदाज़न है और आधिकारिक नहीं, आयतन के नंबर भी NCERT के अंदाज़न मान हैं। पक्की जानकारी के लिए ncert.nic.in, neet.nta.nic.in और nmc.org.in पर ज़रूर जाँच लें।

Tags: RBSE MPBSE UPMSP NEET

© Copyright - 2026. All right reserved to Arivihan Technologies Pvt. Ltd.